
केडीएच खदान से सटी करकट्टा कॉलोनी में तीन बार भू-धसान, दहशत में ग्रामीण।।
“मुआवजा व विस्थापन में देरी पर लोगों में आक्रोश, प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग”
रिपोर्टर/राशीद अंसारी
खलारी। खलारी प्रखंड के करकट्टा कॉलोनी से सटे एनके एरिया की केडीएच परियोजना खदान क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर लगातार तीन बार भू-धसान की घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जमीन का बड़ा हिस्सा अचानक धंसकर खदान की ओर समा गया। धंसान के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और धुएं का गुबार उठता देखा गया, जिससे आसपास के लोग भयभीत होकर घरों से बाहर निकल आए।
यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे भी इसी क्षेत्र में अचानक जमीन धंसने की घटना हुई थी। उस समय भी जमीन का बड़ा हिस्सा खदान की ओर समा गया था और धुआं निकलता देखा गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से करकट्टा आवासीय कॉलोनी में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
“धमाके जैसी आवाज सुनाई दी”
करकट्टा के ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार दोपहर वे घर में भोजन कर रहे थे, तभी जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो खदान के समीप जमीन धंस चुकी थी और वहां से धुआं उठ रहा था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पहले भी कई स्थानों पर दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे लोग दहशत के साए में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
“न मुआवजा, न सुरक्षित पुनर्वास”
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खदान गतिविधियों के कारण लगातार भू-धसान की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अब तक न तो उन्हें उचित मुआवजा मिला है और न ही सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था की गई है। लोगों का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के वे अपने घर छोड़कर कहां जाएं। ग्रामीणों ने प्रबंधन और प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
“कागजात सत्यापन में देरी”
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की केडीएच परियोजना के पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विस्थापन एवं मुआवजा से संबंधित दस्तावेज अंचल कार्यालय को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीणों द्वारा कागजात का सत्यापन नहीं कराने के कारण प्रक्रिया लंबित है। सत्यापन पूरा होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
“ग्रामीणों ने खुद बनाया सुरक्षा घेरा”
घटना के बाद ग्रामीणों ने साथ मिलकर धंसे क्षेत्र के आसपास की झाड़ियों की कटाई कर रास्ता साफ किया और अस्थायी रूप से सुरक्षा घेरा बनाया। ग्रामीण राहगीरों और मवेशियों को खतरे वाले क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक सहायता मिलने तक वे स्वयं एहतियाती कदम उठाते रहेंगे।
लगातार हो रही भू-धसान की घटनाओं से करकट्टा कॉलोनी के लोग दहशत में हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने, वैज्ञानिक जांच कराने तथा विस्थापन प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से पहले स्थायी समाधान निकाला जा सके।